मैं नही भूली उन आँखों का सरूर,
वो दिन रात बातें करने का फितूर,
चुप रहके भी उसका सब कुछ कहना,
दरवाज़े से उसका ताकना और मेरा चुप रहना,
उसका वो बचों की तरह ज़िद्द करना ,
फिर मुझे बढ़ों की तरह समझना,
मैं नही भूली उन आँखों का सरूर…..
मैं नही भूली उन आँखों का सरूर…..
to be completed….


